राज्य स्तरीय सम्मेलन में भविष्य की रणनीतियों पर हुआ मंथनराष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता पर राज्य स्तरीय मंथन उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मुख्य न्यायाधीश ने किया सम्मानित आदित्य गुप्ता रायपुर। छत्तीसगढ़ में त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय की दिशा में राष्ट्रीय लोक अदालतों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में सम्पन्न हुआ, जिसमें राष्ट्रीय लोक अदालतों के प्रदर्शन, उपलब्धियों एवं भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत मंथन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने की। सह-अध्यक्षता माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने की। 2 करोड़ 27 लाख से अधिक मामलों का निपटारा अपने अध्यक्षीय संबोधन में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-क में निहित समान न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि विगत नौ राष्ट्रीय लोक अदालतों के दौरान राज्य में कुल 2 करोड़ 27 लाख से अधिक प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रकरणों के निस्तारण के मामले में छत्तीसगढ़ लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पाँच राज्यों में अपना स्थान बनाए हुए है। सामूहिक प्रयासों का परिणाम मुख्य न्यायाधीश ने इन उपलब्धियों का श्रेय छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, समस्त न्यायिक अधिकारियों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालतों की सफलता में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।साथ ही 16 दिसंबर 2023 की राष्ट्रीय लोक अदालत, वर्ष 2024 में आयोजित चार राष्ट्रीय लोक अदालतों तथा वर्ष 2025 में आयोजित चार राष्ट्रीय लोक अदालतों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं सर्वश्रेष्ठ परिवार न्यायालयों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन माननीय न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव द्वारा किया गया। गरिमामय उपस्थिति सम्मेलन में उच्च न्यायालय के कई वरिष्ठ न्यायाधीशों की उपस्थिति रही, जिनमें माननीय न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास, माननीय न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, माननीय न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय, माननीय न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल, माननीय न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल, माननीय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा, माननीय न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु एवं माननीय न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद शामिल रहे।इसके अतिरिक्त रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारीगण, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक एवं अधिकारी, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, समस्त जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्ष, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तथा विभिन्न जिलों से आए पैरा लीगल वॉलंटियर्स भी उपस्थित रहे। न्याय सबके लिए का संकल्प द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो सके और “न्याय सबके लिए” की भावना को और मजबूती मिले। Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email Post navigation ACB ने SBI चीफ मैनेजर को 2.78 करोड़ की अवैध निकासी के आरोप में किया गिरफ्तार 15वें वित्त की राशि पर पंचायतों का फूटा गुस्सा: सरपंच संघ लैलूंगा ने SDM के माध्यम से सरकार को भेजा अल्टीमेटम ज्ञापन!