विकास के दावे बनाम जमीनी हकीकत: भालूवार की टूटी सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील भालूवार के रास्ते, बरसात में हालात बदतर निलेश सोनी ग्राम भालूवार। ग्राम पंचायत मेंड्रा के आश्रित ग्राम भालूवार में सड़कों की स्थिति अत्यंत भयावह और बदतर हो चुकी है। आज़ादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद गांव तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन नारकीय हालात में फंसा हुआ है।वनांचल क्षेत्र होने के कारण भालूवार को लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है। गांव के कच्चे मार्ग कीचड़, गहरे गड्ढों और उबड़-खाबड़ सतह से भरे हैं, जो हर रोज दुर्घटनाओं को खुलेआम न्योता दे रहे हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और भी विकराल हो जाती है, जब पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। सड़क के अभाव का सबसे अधिक दुष्प्रभाव स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, जबकि मरीजों को समय पर उपचार मिल पाना कठिन हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से आपातकालीन सेवाएं गांव तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे जनसुरक्षा पर सीधा खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार शिकायतें और मांग पत्र दिए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल निरीक्षण और आश्वासन तक ही सीमित रहे। जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने भालूवार को प्राथमिकता सूची में शामिल कर तत्काल सड़क निर्माण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email