पुलिस ने खोला काला चिट्ठा – परिसर में चल रहा था खुलेआम ताश-कैश का खेल… रायगढ़। जिले में घरघोड़ा स्टेडियम के पास स्थित किसान राइस मिल एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। कृषि प्रसंस्करण के नाम पर चलने वाले इस परिसर में खुलेआम जुआ खेलने की गतिविधि सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यह खुलासा साफ दिखाता है कि किसान राइस मिल परिसर लंबे समय से अवैध गतिविधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। किसान राइस मिल की असल तस्वीर – सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा! स्थानीय लोगों और सूत्रों के मुताबिक- रात होते ही परिसर में संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है बाहरी लोगों का लगातार जमावड़ा रहता है प्रबंधन की ओर से निगरानी और जिम्मेदारी बिल्कुल नदारद यही वजह है कि जुआरी बेखौफ होकर यहां 52 पत्ती ताश पर कैश की बाजी लगाते दिखे। स्पष्ट है -परिसर को “सुरक्षित जगह” समझकर ही चुना जा रहा था। पुलिस की रेड ने खोला पूरा खेल :टाउन पेट्रोलिंग के दौरान मिली पक्की मुखबिर सूचना पर जब पुलिस टीम किसान राइस मिल परिसर पहुंची, तो वहां ताश-कैश का पूरा सेटअप तैयार मिला। मौके से बरामद : 52 पत्ती ताश₹1910 नगद प्रकरण धारा 3(2), छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत दर्ज किया गया। किसान राइस मिल पर सीधे सवाल – आखिर किसकी शह पर चलता था खेल? क्या राइस मिल प्रबंधन को इन गतिविधियों का पता नहीं था? क्या परिसर में बिना रोक-टोक बाहरी लोगों का आना इतना आसान है? CCTV और सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ दिखावे के लिए है? क्या परिसर को जानबूझकर “सेफ ज़ोन” के रूप में इस्तेमाल होने दिया गया? इन सवालों का जवाब अब किसान राइस मिल प्रबंधन को देना ही पड़ेगा। परिसर का बार-बार विवादों में आना – भारी लापरवाही का संकेत ; स्थानीय लोगों का कहना है – यह पहली बार नहीं है जब किसान राइस मिल परिसर में संदिग्ध गतिविधियाँ नज़र आईं। रात के समय अक्सर हलचल, गाड़ियाँ और भीड़ देखी गई। इससे साफ है कि किसान राइस मिल परिसर कृषि गतिविधियों से ज्यादा अवैध जमावड़ों का केंद्र बनता जा रहा है। प्रशासन के लिए सीधी चेतावनी : यह मामला सिर्फ चार लोगों के जुआ खेलने का नहीं – यह एक व्यावसायिक परिसर की सुरक्षा और सुशासन की पोल खोलने वाला मामला है। अब प्रशासन को तुरंत : किसान राइस मिल के CCTV फुटेज की जांच करनी चाहिए सुरक्षा प्रबंधन की जवाबदेही तय करनी चाहिए परिसर में बाहरी गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए प्रबंधन से लिखित स्पष्टीकरण मांगना चाहिए अगर यह ढील ऐसे ही जारी रही, तो यह परिसर इलाके में अवैध गतिविधियों का हब बनकर खड़ा हो जाएगा। घरघोड़ा का किसान राइस मिल अब सिर्फ एक राइस मिल नहीं – यह अवैध और संदिग्ध गतिविधियों का अड्डा बनने लगा है। पुलिस की कार्रवाई ने सिर्फ एक घटना पकड़ी है, लेकिन इसके पीछे पूरी व्यवस्था की लापरवाही और संभावित मिलीभगत छिपी है। अब कार्रवाई करना प्रशासन और मिल प्रबंधन – दोनों की जिम्मेदारी है Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email Post navigation सात साल पुरानी फाइलों का तांडव: तीन-तीन आदेश, एक ही वसूली!…फाइलों से निकली ‘नई गड़बड़ी’, लेकिन बड़े अफसरों पर कार्रवाई शून्य… वनपरिक्षेत्र तपकरा में पेड़ों का क़त्ल जारी, राजस्व भूमि बना लकड़ी माफिया का अड्डा – वन विभाग की लापरवाही बेहिसाब!…