श्मशान घाट, सीसी रोड, तालाब गहरीकरण—हर काम में गड़बड़ी का आरोप कमीशनखोरी और फर्जी भुगतान के आरोप, पंचायत सचिव पर जांच की मांग 12 साल से जमी सचिव, पंचायत में फैली अनियमितताओं की परतें खुलीं आदित्य गुप्ता कोरबा -: महिला सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप. कोरबा जिले की ग्राम पंचायत सेमीपाली की महिला सचिव कविता साहू पर पद के दुरुपयोग, मनमानी कार्यशैली और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर सचिव को तत्काल हटाने और उनके कार्यकाल की पूरी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सचिव कविता साहू पिछले 12 सालों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और पद का दुरुपयोग करते हुए मनमाने ढंग से काम करती हैं। उन पर सरपंच के साथ मिलकर अनियमितताएं करने का भी आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि सचिव की ओर से शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंचाई जाती है। उन पर ग्रामवासियों के खातों से पैसे निकालने, पिछले साल श्मशान घाट और इस साल सीसी रोड निर्माण के लिए पैसे निकालने का आरोप है, जबकि मौके पर पर्याप्त निर्माण कार्य नहीं हुआ है। तालाब गहरीकरण में मजदूरी भुगतान और फर्जीवाड़े का आरोप ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत ने नाले से मिट्टी निकालकर तालाब का गहरीकरण कराया, लेकिन मजदूरों को आज तक भुगतान नहीं किया गया। वहीं गहरीकरण के लिए पूरा पैसा निकाल लिया गया और ऐसे मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान किया गया, जिन्होंने काम ही नहीं किया था। ठेकेदारों को काम देने और कमीशनखोरी का आरोप ग्रामीण जीवन लाल साहू ने बताया कि सचिव अपनी पसंद के ठेकेदारों को काम देकर कमीशन लेती हैं, जिससे गांव के मजदूरों को काम नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी कहा कि सरपंच दबाव में आ जाते हैं और किसी भी पंच से सलाह नहीं ली जाती। भ्रष्टाचार और अधूरे कार्यों की सरपंच ने की पुष्टि सेमीपाली के सरपंच राजेंद्र सिंह कंवर ने स्वीकार किया कि पिछले पांच सालों में गांव में सचिव की मिलीभगत से भ्रष्टाचार हुआ है और कई काम अधूरे पड़े हैं। जल जीवन मिशन के तहत कुल 11 बोर स्वीकृत हुए थे, लेकिन सचिव की ओर से केवल 8 बोर और सूरज खुर्द में 3 बोर होने की बात कही जा रही है। बोर की संख्या में अंतर और हिसाब न देने का आरोप ग्रामीणों के अनुसार, गांव में वास्तव में केवल 7 बोर लगे हैं। इस अंतर को लेकर सरपंच और सचिव पर कमीशन लेने का भी आरोप है। ग्राम पंचायत सचिव पर पिछले साल कराए गए आय-व्यय का हिसाब न देने और हिसाब मांगने पर ग्रामीणों को धमकाने का भी आरोप है। Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email