कोरिया– भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कड़ी कार्रवाई के बीच कोरिया जिला अदालत ने एक बड़े फैसला सुनाया है। पीडब्ल्यूडी विभाग केसब–इंजीनियर के खिलाफ रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार मामले में उनकी जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया गया है, जिससे भ्रष्टाचार के प्रतिन्यायपालिका के सख्त रुख को स्पष्ट संदेश मिला है। मामला उस समय उजागर हुआ था जब सब–इंजीनियर पर सरकारी कार्यों के सिलसिले में अवैध वसूली की शिकायतें दर्ज हुईं थीं। आरोप था किउसने अपनी पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ लिया और नियमों के विपरीत व्यवहार किया। शिकायत के बाद ** भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB)** ने मामले की जांच तेज़ कर दी थी और पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू की थी। जिलाधिकारी एवं ACB अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने न केवल जांच को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, बल्किसब–इंजीनियर की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश भी पारित किया। न्यायालय ने कहा कि भ्रष्टाचारजैसे संगठित अपराधों में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा और इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कोरिया जिला अदालत का यह निर्णय भ्रष्टाचार के खिलाफ मामलों में सख्ती से निपटने और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने के प्रयास काप्रतीक है। न्यायपालिका की यह कार्रवाई सरकारी विभागों में जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत संदेश मानी जा रहीहै। अभियोजन पक्ष और ACB अधिकारियों ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है और बताया है कि जांच आगे भी निरंतर जारी रहेगी। दोषी पाए जाने परसंबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भ्रष्ट अधिकारियों को कोई भी अवसर न दिया जा सके और जनता के हितमें शासन की योजनाएँ निष्पक्ष रूप से लागू हों। Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email Post navigation बिना जांच बनीं रिपोर्टें! स्वास्थ्य विभाग ने श्री कृष्णा हॉस्पिटल की लैब बंद कराई स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में दम तोड़ता घरघोड़ा : विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से ग्रामीण परेशान…