शासकीय भूमि को निजी बताकर लाखों की ठगी, सरगुजा पुलिस की सख्त कार्रवाई शासन की भूमि बेचकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार…! शासकीय भूमि बेचने वालों पर शिकंजा, शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों की अब खैर नहीं आदित्य गुप्ता अंबिकापुर। शासन के राजस्व को क्षति पहुंचाने और शासकीय भूमि को निजी स्वामित्व बताकर बेचने वालों के खिलाफ सरगुजा पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। थाना कोतवाली पुलिस ने शासकीय भूमि को अपनी बताकर अवैध रूप से बिक्री कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब प्रार्थी नेजारूदीन अंसारी, निवासी वार्ड क्रमांक 10 तकियापारा बेनिपुर, रनपुरखुर्द, थाना अंबिकापुर ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि वर्ष 2008 से 2022 के बीच आरोपी मो. रशीद ने स्वयं को ग्राम रनपुर-खैरबार क्षेत्र की भूमि का मालिक बताते हुए करीब 41 लोगों से अलग-अलग समय पर जमीन के नाम पर लगभग 1.50 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की राशि वसूली। वन भूमि को निजी बताकर किया फर्जीवाड़ा पुलिस जांच में सामने आया कि जिस भूमि को आरोपी निजी स्वामित्व की बता रहा था, वह वास्तव में वन भूमि है, जिसका न तो निजी स्वामित्व संभव है और न ही उसका वैधानिक विक्रय। आरोपी ने अल्पशिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को झूठे व भ्रामक आश्वासन देकर बिक्री अनुबंध व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ठगी की। शिकायत के बाद जब पीड़ितों को धोखाधड़ी का आभास हुआ, तो आरोपी द्वारा दस्तावेज वापस लेने का दबाव बनाया गया तथा उन्हें धमकाने और भयभीत करने का भी आरोप सामने आया।सबूत मिटाने की कोशिश, धारा बढ़ी विवेचना के दौरान आरोपी से जमीन संबंधी पट्टा या वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया, लेकिन आरोपी द्वारा किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि जमीन बिक्री से संबंधित एग्रीमेंट के मूल स्टाम्प पेपर जला दिए गए, जिसके चलते प्रकरण में धारा 201 भा.द.सं. भी जोड़ी गई। पुलिस की अपील सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी के पास शासकीय या वन भूमि की अवैध बिक्री से संबंधित कोई जानकारी हो, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। शासन की भूमि से जुड़ी धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय, अदीप प्रताप सिंह, आरक्षक किशोर तिवारी, संजीव पाण्डेय एवं शिव राजवाड़े की सक्रिय भूमिका रही। Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email Post navigation रिंग रोड पर भारी वाहनों की मनमानी पर ब्रेक, जाम और हादसों पर लगाम की कोशिश आगे भी चलेगी कार्रवाई? कूट रचित दस्तावेजों से नौकरी पड़ी महंगी, दोषियों पर FIR, पात्रों को मिला न्याय