बलरामपुर। बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में अवैध धान की हेराफेरी के एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी समेत दोआरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सनावल थाना पुलिस द्वारा की गई है, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपियों मेंसनावल निवासी पटवारी संजय सोनी (उम्र 32 वर्ष) और तालकेश्वरपुर निवासी राजेश कुमार (उम्र 39 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तारकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला पहले से दर्ज एक अपराध से जुड़ा हुआ है, जिसमें श्याम सुंदर गुप्ता और उसके भाई शिवम गुप्ता कोपहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उस प्रकरण में अवैध रूप से धान की खरीद–फरोख्त और सरकारी नियमों को दरकिनार कर आर्थिकलाभ कमाने के आरोप सामने आए थे। मामले की विस्तृत जांच के दौरान पुलिस ने जब श्याम सुंदर गुप्ता के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की, तबकई अहम जानकारियां सामने आईं। मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि इस पूरे अवैध नेटवर्क में पटवारी संजयसोनी और राजेश कुमार की भी सक्रिय भूमिका रही है। पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने श्याम सुंदर गुप्ता के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश से अवैध रूप से धान मंगवाया था।इसके बाद इस धान को छत्तीसगढ़ की विभिन्न सरकारी खरीदी मंडियों में अलग–अलग किसानों के खातों का इस्तेमाल कर बेचा गया। इस पूरीप्रक्रिया में फर्जीवाड़ा कर सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। आरोपियों ने यह भी कबूला किइस अवैध गतिविधि के जरिए उन्होंने मोटा मुनाफा कमाया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पटवारी संजय सोनी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसानों के रिकॉर्ड और दस्तावेजों से जुड़ीजानकारी का गलत इस्तेमाल किया। वहीं राजेश कुमार ने धान की अवैध ढुलाई और बिक्री में सहयोग किया। पुलिस का मानना है कि इस तरह कीगतिविधियों से न केवल शासन की धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि वास्तविक किसानों के अधिकारों पर भी चोट पहुंचती है। पुलिस नेदोनों आरोपियों को आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 3 जनवरी 2026 को की गई।अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित रूप से किया गया अपराध है, जिसमें और भी लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।इसलिए मामले की जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है। सनावल थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध धान हेराफेरी के इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं और जरूरत पड़ने पर अन्य संदिग्धों से भी पूछताछकी जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध धान की कुल मात्रा कितनी थी और इससे शासन को कितना आर्थिक नुकसान हुआ। इसकार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक अमले में भी हलचल मच गई है। एक पटवारी की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि शासन और पुलिस अवैधगतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी से जुड़े किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े और हेराफेरी कोबर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email Post navigation धान खरीदी में लापरवाही पड़ी भारी, 5 समिति कर्मचारी नपें, 3 सस्पेंड कोरिया में जन समस्या निवारण अभियान को मिली गति, कानूनी सलाहकारों की भी रही मौजूदगी