9 माह बाद भी खाली पंचायत खाते, लैलूंगा में सरपंच संघ का बड़ा ऐलान 15वें वित्त की देरी से भड़के सरपंच, बोले—अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए गांव-गांव में नाराजगी, सरपंच संघ ने सरकार को घेरा रायगढ़/लैलूंगा। पंचायती राज व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली ग्राम पंचायतें आज आर्थिक तंगी से कराह रही हैं। 15वें वित्त आयोग की राशि अब तक जारी नहीं होने से विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। चुनाव संपन्न हुए 9 माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों को एक भी रुपया न मिलने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आज सरपंच संघ लैलूंगा ने एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लैलूंगा के माध्यम से राज्य शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। सरपंच संघ ने ज्ञापन में साफ शब्दों में कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि ग्राम पंचायतों के लिए जीवनरेखा है। इसी राशि से पंचायत स्तर पर सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, मरम्मत कार्य एवं मूलभूत विकास योजनाएं संचालित की जाती हैं। लेकिन राशि जारी न होने से पंचायतें पूरी तरह पंगु हो चुकी हैं और जनप्रतिनिधियों को जनता के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि चुनाव के बाद ग्रामीणों में विकास को लेकर उम्मीदें जगी थीं, लेकिन 9 माह बीतने के बावजूद पंचायतों के खाते खाली हैं। न तो पुराने अधूरे कार्य पूरे हो पा रहे हैं और न ही नए विकास कार्य प्रारंभ हो रहे हैं। इससे ग्रामीण जनता में गहरा असंतोष पनप रहा है, जिसका सीधा दबाव सरपंचों पर पड़ रहा है। सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण पंचायत स्तर पर रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो रहे हैं। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं से जुड़े कार्य ठप हैं, जिससे ग्रामीण मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा। पंचायत भवनों की मरम्मत, हैंडपंप सुधार, नाली सफाई जैसे छोटे लेकिन जरूरी कार्य भी अटक गए हैं। सरपंच संघ लैलूंगा के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शीघ्र ही 15वें वित्त की राशि जारी नहीं की गई तो मजबूरन आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ेंगे। यह सिर्फ सरपंचों का नहीं, बल्कि पूरे ग्रामीण समाज का मुद्दा है। पंचायतें विकास की पहली सीढ़ी हैं और उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर देना सीधे तौर पर गांवों के विकास को रोकना है।एसडीएम लैलूंगा ने ज्ञापन प्राप्त कर सरपंच संघ को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को प्राथमिकता के साथ राज्य शासन तक भेजा जाएगा और शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि सरपंच संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। फिलहाल पूरे लैलूंगा विकासखंड की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। अगर जल्द राशि जारी नहीं हुई तो पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक बड़ा बवाल खड़ा हो सकता है। ग्रामीण विकास की गाड़ी कब पटरी पर लौटेगी, यह देखना अब शासन के हाथ में है। Share this: Click to share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Click to share on Facebook (Opens in new window) Facebook Click to share on X (Opens in new window) X Click to email a link to a friend (Opens in new window) Email Post navigation राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को और सशक्त करने का संकल्प, न्यायिक व्यवस्था में लोक अदालतों की बढ़ती भूमिका..! नामांतरण में खेल!